गरीबदास का शून्य | अशोक चक्रधर की कविता पर टेलीप्ले | Hasya Kavita Ghareebdas | Ashok Chakradhar
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भ्रष्टाचारी लोग अच्छे-अच्छों के कान काट लेते हैं. भैंस के कान तो कट ही गए!!!…

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