Jaag Ke Kaati Jagjit Singh, Leela

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Title~ जाग के काटी Lyrics
Movie/Album~ लीला 2002
Music~ जगजीत सिंह
Lyrics~ गुलज़ार
Singer(s)~ जगजीत सिंह

जाग के काटी सारी रैना
नैनों में कल ओस गिरी थी
जाग के काटी…

प्रेम की अग्नि बुझती नहीं है
बहती नदिया रुकती नहीं है
सागर तक बहते दो नैना
जाग के काटी…

रूह के बन्धन खुलते नहीं हैं
दाग हैं दिल के धुलते नहीं हैं
करवट -करवट बाँटी रैना
जाग के काटी…

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