Mela Dilon Ka Aata Hai Title Track

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Title~मेला दिलों का आता है
Movie/Album~ मेला 2000
Music~ अनु मलिक, राजेश रोशन
Lyrics~ धर्मेश दर्शन, समीर
Singer(s)~ अल्का याग्निक, जसपिंदर नरूला, रूप कुमार राठोड़, शंकर महादेवन, सोनू निगम, उदित नारायण, साधना सरगम, अभिजीत

मेला दिलों का – थीम
मेला दिलों का आता है
इक बार आ के चला जाता है
आते हैं मुसाफ़िर, जाते हैं मुसाफ़िर
जाना ही है उनको, क्यों आते है मुसाफ़िर
मेला दिलों का…

हँस ले गा ले, ये दिन ना मिलेंगे कल
थोड़ी खुशियाँ, हैं थोड़े से ये पल
एक बार चली गयी जो ये बहारें
लौट के ना आएँगी, गुज़री बहारें
मेला बहारों का आता है
इक बार आ के चला जाता है
आती हैं बहारें, जाती हैं बहारें
जाना ही है इनको, क्यों आती हैं बहारें
मेला दिलों का…

साजन मेरे, एक तुझ पे भरोसा है
इस भीड़ में, बस तू ही तो मेरा है
मौसम बदले, बदले ज़माना
वादा किया जो वादा निभाना
मेला वफाओं का आता है
इक बार आ के चला जाता है
हाथों की लकीरें, गायें ये तराना
मर के भी ये रिश्ता, हमको है निभाना
मेला दिलों का…

मेला दिलों का – सेलिब्रेशन
इस दुनिया में देश कई
देश कई में देश है एक
और उस देश का नाम है
भारत भारत भारत भारत भारत
हमारा भारत, तुम्हारा भारत
प्यारा भारत, प्यारा भारत

भारत देश में गाँव कई
गाँव कई में गाँव है एक
अपने गाँव के लोग हैं नेक
लोगों के सीने में रहता है दिल
और दिल कहता है कहता है
कहता है कहता है कहता है
कहता है दिल
क्या कहता है दिल राम जी

मेला दिलों का आता है
एक बार आ के चला जाता है
आते हैं मुसाफ़िर, जाते हैं मुसाफ़िर
जाना ही है सबको, क्यों आते हैं मुसाफ़िर
मेला दिलों का…

हँस ले गा ले, ये दिन ना मिलेंगे कल
थोड़ी खुशियाँ, हैं थोड़े से ये पल
एक बार चली गयी जो ये बहारें
लौट के ना आएँगी गुज़री बहारें
मेला बहारों का आता है
एक बार आ के चला जाता है
आती हैं बहारें, जाती हैं बहारें
जाना ही है उनको, क्यों आती हैं बहारें
मेला दिलों का…

सात अजूबे इस दुनिया में
आठवाँ है रूप तेरा रूपा
ओ रूपा ओ मेरी रूपा
मुझसे दूर तू न जाना मेरी रूपा
रूपा रूपा रूपा रूपा

आई रे जवानी, जैसे रुत तूफानी
पगली ये दीवानी, उफ़ मैं क्या करूँ
मैं भई सयानी, सबको परेशानी
उम्र ये सुहानी, तो मैं क्या करूँ
देख री दीवानी, ना कर तू नादानी
बार-बार नहीं आनी, ये पल भर की जवानी
मेला जवानी का आता है
एक बार आ के चला जाता है
आती है जवानी, जाती है जवानी
जाना ही है इसको, क्यों आती है जवानी
मेला दिलों का…

बलिये बलिये
कुछ दिल की सुन बलिये
बस लौट ना फिर बलिये
दुनिया के इस मेले में
धन दौलत का है खेल
धन पास नहीं हो जिसके
वो क्या देखेगा मेला
वो क्या देखेगा मेला

दुःख दूर करूँ मैं उसका
इस गाँव में हो जो दुखिया
हर दुःख की दवा रखता हूँ
कहते हैं मुझको मुखिया
कहते हैं मुझको मुखिया

मैं उड़ती हुई तितली हूँ
हाथों में नहीं आऊँगी
मुझे कैसे पकड़ पाओगे
हर पल मैं उड़ जाऊँगी
तू चलेगी आगे-आगे
हम चलेंगे पीछे-पीछे
दिल रख देंगे हम अपना
तेरे क़दमों के नीचे
मेला मोहब्बत का आता है
एक बार आ के चला जाता है
आते भी हैं आशिक, जाते भी हैं आशिक
जाना ही है इनको, क्यों आते हैं ये आशिक
मेला दिलों को…

बुलबुल बुलबुल
मेरी सखी सहेली बुलबुल
इस गाँव की मैं बुलबुल हूँ
मैं उड़ने की हूँ आदी
मैं सब कुछ कर सकती हूँ
पर करुँगी ना मैं शादी
खेला है यहाँ मेरा बचपन, ना छोडूँगी ये आँगन
सुन भाई मेरे, सुन गाँव मेरे, ना बांधों कोई बंधन
यही रस्म है इस दुनिया की, बेटी तो धन है पराया
दूजे का धन घर अपने, कोई भी ना रख पाया
मेला बिदाई का आता है
एक बार आ के चला जाता है
बन के बहना गुड़िया, मेरे घर में आई
दुल्हन बन के जाना था, क्यों गुड़िया बन के आई
मेला दिलों का…

मेला दिलों का – ग्रैंड फिनाले
मेला दिलों का आता है
इक बार आ के चला जाता है
हम नहीं डरेंगे, दुश्मन से लड़ेंगे
कर्म जो है अपना, हम कर के ही रहेंगे
मेला दिलों का…

सात अजूबे इस दुनिया में
आठवाँ है रूप तेरा रूपा
ओ रूपा ओ मेरी रूपा
मुझसे दूर तू न जाना मेरी रूपा
रूपा रूपा रूपा रूपा

हँस ले गा ले, ये दिन ना मिलेंगे कल
थोड़ी खुशियाँ, हैं थोड़े से ये पल
एक बार चली गयी जो ये बहारें
लौट के ना आएँगी गुज़री बहारें
मेला बहारों का आता है
एक बार आ के चला जाता है
लौटेंगी बहारें, बहारों से कहेंगे
कर्म जो है अपना, हम कर के ही रहेंगे
मेला दिलों का…

कन्हैया, कन्हैया
काहे चुप है तू कन्हैया
कुछ बोल ना तू कृष्णा
लब खोल ना तू कृष्णा

लब कुछ ना कहें तो अच्छा है
ये चुप ही रहें तो अच्छा है
मतलब की भरी इस दुनिया में
ना जाने कौन सच्चा है
हमने भी देखे सपने थे
हमने भी चाहे अपने थे
पर वक़्त ने हमें सिखला ही दिया
हर धागा यहाँ पर कच्चा है

कच्चे धागों से मीत बना
और मीत से अपनी जीत मना
और जीत से ऐसी प्रीत बना
तू प्रीत को जीवन गीत बना…

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