Shaam Rangeen Hui Hai Lyrics-Usha Mangeshkar, Suresh Wadkar, Kanoon Aur Mujrim

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Title – शाम रंगीन हुई है Lyrics
Movie/Album- कानून और मुजरिम Lyrics-1981
Music By- सी अर्जुन
Lyrics- कैफ़ी आज़मी
Singer(s)- ऊषा मंगेशकर, सुरेश वाडकर

शाम रंगीन हुई है तेरे आँचल की तरह
सुरमई रंग सजा है तेरे काजल की तरह
पास हो तुम मेरे दिल के मेरे आँचल की तरह
मेरी आँखों में बसे हो मेरे काजल की तरह
शाम रंगीन हुई है…

आसमाँ है मेरे अरमानों का दर्पण जैसे
दिल यूँ धड़के मेरा, खनके तेरे कंगन जैसे
मस्त हैं आज हवाएँ मेरी पायल की तरह
सुरमई रंग सजा है तेरे काजल की तरह
शाम रंगीन हुई है…

मेरी हस्ती पे कभी यूँ कोई छाया ही न था
तेरे नज़दीक मैं पहले कभी आया ही न था
मैं हूँ धरती की तरह, तुम किसी बादल की तरह
सुरमई रंग सजा है तेरे काजल की तरह
शाम रंगीन हुई है…

ऐसी रंगीन मुलाक़ात का मतलब क्या है
इन छलकते हुए जज़्बात का मतलब क्या है
आज हर दर्द भुला दो किसी पागल की तरह
सुरमई रंग सजा है तेरे काजल की तरह
शाम रंगीन हुई है…

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