Tere Nainon Ke Main Deep Lyrics-Md.Rafi, Lata Mangeshkar, Anuraag

  • Post comments:0 Comments

Title- तेरे नैनों के मैं दीप
Movie/Album- अनुराग Lyrics-1972
Music By- एस.डी.बर्मन
Lyrics- आनंद बक्षी
Singer(s)- मोहम्मद रफ़ी, लता मंगेशकर

तेरे नैनों के मैं दीप जलाऊँगा
अपनी आँखों से दुनिया दिखलाऊँगा

अच्छा?
वो क्या है? इक मंदिर है
उस मंदिर में? इक मूरत है
ये मूरत कैसी होती है?
तेरी सूरत जैसी होती है
वो क्या है? इक मंदिर है

मैं क्या जानूँ छाँव है क्या और धूप है क्या
रंग-बिरंगी इस दुनिया का रूप है क्या
वो क्या है? इक परबत है
उस परबत पे? इक बादल है
ये बादल कैसा होता है?
तेरे आँचल जैसा होता है
वो क्या है? इक परबत है

मस्त हवा ने घूंघट खोला, कलियों का
झूम के मौसम आया है रंगरलियों का
वो क्या है? इक बगिया है
उस बगिया में? कई भँवरे हैं
भँवरे क्या जोगी होते हैं?
नहीं, दिल के रोगी होते हैं
वो क्या है? इक बगिया है

ऐसी भी अनजान नहीं मैं अब सजना
बिन-देखे मुझ को दिखता है सब सजना
अच्छा?
वो क्या है? वो सागर है
उस सागर में? इक नैया है
अरे, तूने कैसे नाम लिया?
मन से आँखों का काम लिया
वो क्या है? वो सागर है

Leave a Reply