Tum Gagan Ke Chandrama Ho Lyrics-Lata Mangeshkar, Manna Dey, Sati Savitri

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Title : तुम गगन के चन्द्रमा हो Lyrics
Movie/Album/Film: सती सावित्री Lyrics-1964
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics : भरत व्यास
Singer(s): लता मंगेशकर, मन्ना डे

तुम गगन के चंद्रमा हो, मैं धरा की धूल हूँ
तुम प्रलय के देवता हो, मैं समर्पित फूल
तुम हो पूजा, मैं पुजारी, तुम सुधा, मैं प्यास हूँ

तुम महासागर की सीमा, मैं किनारे की लहर
तुम महासंगीत के स्वर, मैं अधूरी साजपर
तुम हो काया, मैं हूँ छाया, तुम क्षमा मैं भूल हूँ
तुम गगन के चंद्रमा हो…

तुम उषा की लालिमा हो, भोर का सिंदूर हो
मेरे प्राणों की हो गुंजन, मेरे मन की मयूर हो
तुम हो पूजा मैं पुजारी, तुम सुधा मैं प्यास हूँ
तुम गगन के चंद्रमा हो…

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