Udaas Shaam Kisi Khwaab Lyrics- Ghulam Ali, Mahtab

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Title ~ उदास शाम किसी ख्वाब Lyrics
Movie/Album ~ महताब Lyrics- 1991
Music ~ गुलाम अली
Lyrics ~ क़तील शिफ़ई
Singer (s)~गुलाम अली

उदास शाम किसी ख्वाब में ढली तो है
यही बहुत है के ताज़ा हवा चली तो है

जो अपनी शाख़ से बाहर अभी नहीं आई
नई बहार की ज़ामिन वही कली तो है
उदास शाम किसी…

धुंआ तो झूठ नहीं बोलता कभी यारों
हमारे शहर में बस्ती कोई जली तो है
उदास शाम किसी…

किसी के इश्क़ में हम जान से गये लेकिन
हमारे नाम से रस्म-ए-वफ़ा चली तो है
उदास शाम किसी…

हज़ार बन्द हो दैर-ओ-हरम के दरवाज़े
मेरे लिये मेरे महबूब की गली तो है
उदास शाम किसी…

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