Kabir Das ji ke Dohe, jantra mantra sab jhuth hai

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जंत्र – मंत्र सब झूठ है, मत भरमो जग कोय |
सार शब्द जानै बिना, कागा हंस न होय |

व्याख्या:

टोने – टोटके, यंत्र – मंत्र सब झूठ हैं, इनमे कोई मत फंसो | निर्णय – वचनों के ज्ञान बिना, कौवा हंस नहीं होता |

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